:
Breaking News

बिहार में मौसम का ऑरेंज अलर्ट: 21 जिलों में भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं का खतरा

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

बिहार में मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 21 जिलों में भारी बारिश, वज्रपात और 60 किमी/घंटा की तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। लोगों से 11 बजे तक घर में रहने की अपील की गई है।

पटना/आलम की खबर:पटना समेत पूरे बिहार में मौसम ने अचानक भयावह रूप ले लिया है और प्री-मानसून गतिविधियों के सक्रिय होने के कारण राज्य के कई हिस्सों में तेज आंधी, वज्रपात और मूसलाधार बारिश का खतरा बढ़ गया है। मौसम विज्ञान केंद्र और आपदा प्रबंधन विभाग ने गुरुवार की सुबह स्थिति को गंभीर मानते हुए पूरे राज्य में अलर्ट जारी किया है। खासकर सुबह 11 बजे तक का समय बेहद संवेदनशील बताया गया है, जिसमें लोगों को घरों से बाहर न निकलने की सख्त सलाह दी गई है। विभाग के अनुसार इस दौरान 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे पेड़ गिरने, बिजली गिरने और संपत्ति को नुकसान होने का खतरा काफी बढ़ जाता है।

राज्य में जारी इस अलर्ट के तहत 21 से अधिक जिलों को विशेष रूप से खतरे की श्रेणी में रखा गया है, जहां भारी बारिश और वज्रपात की सबसे अधिक संभावना जताई गई है। इनमें अरवल, बेगूसराय, भागलपुर, दरभंगा, पूर्वी चंपारण, जहानाबाद, कटिहार, किशनगंज, लखीसराय, मधेपुरा, मधुबनी, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, नालंदा, पूर्णिया, सहरसा, समस्तीपुर, शेखपुरा, सीतामढ़ी, सुपौल और वैशाली जैसे जिले शामिल हैं। इन क्षेत्रों में प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट पर रखा गया है और आपदा प्रबंधन टीमों को सक्रिय कर दिया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य किया जा सके।

मौसम विभाग ने राज्य को दो हिस्सों में बांटकर अलर्ट जारी किया है। उत्तर और पूर्वी बिहार के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है, जहां स्थिति अधिक गंभीर मानी जा रही है। इन जिलों में पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, शिवहर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, जमुई और बांका शामिल हैं। वहीं पटना, गया, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, नवादा, नालंदा, शेखपुरा, बेगूसराय और लखीसराय जैसे जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां मौसम की स्थिति थोड़ी कम गंभीर लेकिन सतर्कता जरूरी बनी हुई है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस बदलाव की मुख्य वजह बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी और पुरवा हवाओं का मजबूत सिस्टम है, जिसने पूरे बिहार के मौसम को अस्थिर कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह पूरी तरह प्री-मानसून गतिविधि है, जो मानसून के आगमन से पहले वातावरण को सक्रिय कर रही है। हालांकि यह स्थिति जहां एक ओर तापमान में गिरावट लाकर राहत दे रही है, वहीं दूसरी ओर वज्रपात और तेज हवाओं का खतरा भी बढ़ा रही है। वैज्ञानिकों ने यह भी संकेत दिया है कि यदि यह सिस्टम इसी तरह सक्रिय रहा तो आने वाले दिनों में मानसून की स्थिति और मजबूत हो सकती है।

पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। मुजफ्फरपुर, मधुबनी, बेतिया और बगहा जैसे इलाकों में बारिश के कारण मौसम सुहावना हुआ है। हालांकि दक्षिण बिहार के कई जिले अब भी गर्मी की चपेट में हैं। कैमूर जिले में 42.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे अधिक रहा। गया और छपरा जैसे जिलों में भी तापमान 40 डिग्री के पार बना रहा, जिससे लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ा।

मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटे तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद 12 जून से 15 जून के बीच पूरे राज्य में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट होने की संभावना है, जिससे लोगों को लू और गर्मी से राहत मिलेगी। राजधानी पटना में भी आज आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

प्रशासन ने विशेष चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि वज्रपात के समय खुले मैदान, बड़े पेड़ों, बिजली के खंभों और जर्जर मकानों से दूर रहें। किसानों को विशेष रूप से खेतों में काम करते समय मौसम की ताजा जानकारी लेते रहने की सलाह दी गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में खतरा अधिक होने के कारण लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।बिहार में अचानक बदला मौसम एक बार फिर यह संकेत दे रहा है कि प्रकृति का मिजाज कितनी तेजी से बदल सकता है। प्री-मानसून की यह सक्रियता जहां भीषण गर्मी से राहत लेकर आई है, वहीं वज्रपात और तेज हवाओं का खतरा भी बढ़ा रही है। राज्य के कई जिलों में हर साल आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं जान-माल के बड़े नुकसान का कारण बनती हैं और इस बार भी मौसम विभाग की चेतावनी को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।

ग्रामीण इलाकों में खेतों में काम कर रहे किसान, खुले में यात्रा कर रहे लोग और कमजोर संरचनाओं में रहने वाले परिवार सबसे अधिक जोखिम में हैं। ऐसे में प्रशासन की ओर से जारी अलर्ट का पालन करना बेहद जरूरी है। यह समय लापरवाही का नहीं बल्कि पूरी सतर्कता का है। आने वाले दिनों में बारिश जहां तापमान को कम करेगी, वहीं वज्रपात की संभावना बनी रहेगी, इसलिए हर व्यक्ति को मौसम अपडेट पर नजर रखनी चाहिए और सुरक्षित व्यवहार अपनाना चाहिए।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *